
उत्तर प्रदेश: गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने आकृति चौधरी की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को आकृति चौधरी की NSA हिरासत को रद्द कर दिया था। इसके साथ ही अदालत ने मुआवजे के तौर पर 5 लाख रुपये देने का आदेश दिया था।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में आकृति चौधरी की हिरासत को रद्द करते हुए उन्हें रिहा करने का निर्देश दिया था, बशर्ते किसी अन्य मामले में उनकी जरूरत न हो। अदालत ने हिरासत की कार्रवाई से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए 5 लाख रुपये के मुआवजे की बात कही थी। यह राशि डीएम मेधा रूपम और मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के वेतन से वसूलने का निर्देश दिया गया था।आकृति चौधरी को अप्रैल 2026 में नोएडा में हुए मजदूरों के प्रदर्शन से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उनके खिलाफ NSA के तहत हिरासत की कार्रवाई की गई। हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को इस हिरासत आदेश को रद्द कर दिया था।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब डीएम मेधा रूपम ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उनकी याचिका में हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें आकृति चौधरी की NSA हिरासत रद्द करने के साथ 5 लाख रुपये के मुआवजे का निर्देश दिया गया था। इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि हाईकोर्ट के आदेश को लेकर आगे क्या कानूनी स्थिति बनती है।