ग्रेटर नोएडा पहुंचे राकेश टिकैत, 4 प्रतिशत प्लॉट की मांग को लेकर किसानों का बड़ा प्रदर्शन

ग्रेटर नोएडा। किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर ग्रेटर नोएडा में एक बार फिर आंदोलन तेज होता नजर आ रहा है। 4 प्रतिशत प्लॉट समेत किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर किसान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों के इस प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत भी शामिल होने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पहुंचे हैं। राकेश टिकैत के पहुंचते ही प्रदर्शन स्थल पर किसानों की भीड़ और हलचल बढ़ गई।गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरणों से जुड़ी हैं मांगें किसानों का यह आंदोलन केवल ग्रेटर नोएडा तक सीमित नहीं है, बल्कि गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरणों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर किसान अपनी आवाज उठा रहे हैं। किसानों की प्रमुख मांगों में 4 प्रतिशत प्लॉट दिए जाने का मुद्दा शामिल है।किसानों का कहना है कि विकास परियोजनाओं और प्राधिकरण की योजनाओं के लिए जिन किसानों की जमीन ली गई, उनके अधिकारों और पूर्व में किए गए वादों को पूरा किया जाना चाहिए। किसान लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्राधिकरण और प्रशासन के अधिकारियों के सामने अपनी बात रखते आए हैं। मांगों का स्थायी समाधान नहीं होने पर किसानों का आंदोलन लगातार आगे बढ़ रहा है।

राकेश टिकैत के पहुंचने से आंदोलन में बढ़ी सक्रियता

किसानों के प्रदर्शन में राकेश टिकैत के पहुंचने के बाद आंदोलन को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। टिकैत ने किसानों के बीच पहुंचकर उनकी मांगों और प्रदर्शन की स्थिति की जानकारी ली। उनके पहुंचने के बाद प्रदर्शन स्थल पर किसानों की संख्या और गतिविधियां बढ़ गईं।किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं और जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रखने की रणनीति पर चर्चा की जाएगीकिसानों के बड़े प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट है। प्राधिकरण परिसर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।प्रशासन की ओर से प्रदर्शन की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिसकर्मियों को भीड़ और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया गया है। प्रदर्शन के चलते आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पर भी असर पड़ने की संभावना है।

किसानों और प्राधिकरण के बीच समाधान पर नजर

4 प्रतिशत प्लॉट समेत किसानों की अन्य मांगों को लेकर अब सभी की नजरें प्राधिकरण और किसान नेताओं के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी हैं। किसानों की मांगों पर प्रशासन और प्राधिकरण की ओर से क्या रुख अपनाया जाता है और आंदोलन को लेकर आगे क्या रणनीति बनती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। राकेश टिकैत की मौजूदगी के बाद किसानों के इस प्रदर्शन को बड़ा राजनीतिक और किसान आंदोलन का रूप मिलने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन के सामने भी किसानों की मांगों पर बातचीत कर समाधान निकालने की चुनौती बढ़ गई है।

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