किसान आंदोलन के बीच YEIDA पहुंचे राकेश टिकैत, अधिकारियों से मांगों पर हुई चर्चा

ग्रेटर नोएडा: यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में किसानों की 15 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच बुधवार को किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत प्राधिकरण पहुंचे। करीब दोपहर दो बजे किसानों के जत्थे के साथ पहुंचे टिकैत ने सबसे पहले धरनास्थल पर मौजूद किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उनके पहुंचने के बाद धरनास्थल पर किसानों की संख्या बढ़ गई और आंदोलन स्थल पर गतिविधियां तेज हो गईं। किसानों से बातचीत के बाद YEIDA के CEO राकेश कुमार सिंह ने राकेश टिकैत और भाकियू के प्रमुख नेताओं को प्राधिकरण के बोर्ड रूम में वार्ता के लिए आमंत्रित किया। इसके बाद किसान नेताओं और प्राधिकरण के अधिकारियों के बीच लंबी बैठक शुरू हुई। बैठक में किसानों की 15 सूत्रीय मांगों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। वार्ता के दौरान भूमि अधिग्रहण, मुआवजा, आबादी के लंबित मामलों, लीज-बैक प्रकरणों, रोजगार और विकसित भूखंड समेत कई मुद्दे उठाए गए। किसान नेताओं ने अपनी मांगों को अधिकारियों के सामने रखा और इनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही।

10 प्रतिशत विकसित भूखंड समेत कई मांगें

किसान नेताओं की प्रमुख मांगों में भूमि अधिग्रहण के बदले 10 प्रतिशत विकसित भूखंड दिए जाने की मांग शामिल है। इसके अलावा आबादी के लंबित मामलों और लीज-बैक प्रकरणों का निस्तारण, 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा बढ़ी हुई दर से देने तथा किसानों के बच्चों को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। किसानों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से सर्किल रेट में पर्याप्त बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऐसे में उनका कहना है कि जमीन का उचित बाजार मूल्य निर्धारित कर उसी के आधार पर मुआवजा दिया जाना चाहिए। किसानों ने वर्ष 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून को लागू करने की मांग भी रखी है। भाकियू के राष्ट्रीय महामंत्री पवन खटाना ने कहा कि किसानों को लंबे समय से आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उनका कहना है कि किसानों की मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए।

किसान नेताओं के अनुसार, जमीन अधिग्रहण से जुड़े कई मामले लंबे समय से लंबित हैं। मुआवजा, आबादी और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है। इसी के चलते किसान आंदोलन कर रहे हैं और अब लिखित एवं ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा धरना

YEIDA CEO के साथ बैठक के बाद बाहर आए राकेश टिकैत ने कहा कि अभी तक प्राधिकरण के अधिकारी किसानों से बातचीत नहीं कर रहे थे, लेकिन अब वार्ता शुरू हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसान और अधिकारी बैठकर सभी 15 मांगों के समाधान को लेकर सहमति बनाएंगे। राकेश टिकैत ने कहा कि जब तक किसानों की सभी 15 मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक धरना जारी रहेगा। बैठक के बाद अब किसानों की नजर प्राधिकरण की ओर से होने वाली आगे की कार्रवाई पर है। किसानों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाता है तो आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति उसी के आधार पर तय की जाएगी। वहीं, मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन जारी रखने की बात किसान नेताओं की ओर से कही गई है।

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