सत्य निकेतन हादसे के बाद बड़ा एक्शन, कमजोर और अवैध बिल्डिंगों पर चला हथौड़ा

दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 तारीख को हॉस्टल की बिल्डिंग गिरने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश के बाद इलाके में अवैध और कमजोर इमारतों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई के तहत ऐसी इमारतों को चिन्हित कर उन्हें हटाने का काम किया जा रहा है, जिनसे भविष्य में हादसे का खतरा हो सकता है। कार्रवाई के दौरान MCD और नगर निगम के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। हादसे के बाद प्रशासन की ओर से इलाके में कमजोर और अवैध निर्माणों को लेकर जांच और कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है। सत्य निकेतन में जिस बिल्डिंग के गिरने से हादसा हुआ था, उसके ठीक बगल में बनी एक अन्य बिल्डिंग को सबसे पहले कार्रवाई के लिए चिन्हित किया गया है। सामने आए वीडियो में मजदूर इस बिल्डिंग की टॉप फ्लोर पर हथौड़ों से तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं।

टॉप फ्लोर से शुरू हुई तोड़फोड़

फिलहाल चिन्हित बिल्डिंग के टॉप फ्लोर के हिस्से को हटाने का काम किया जा रहा है। मौके पर अभी बुलडोजर दिखाई नहीं दे रहा है और मजदूरों की मदद से बिल्डिंग को धीरे-धीरे तोड़ा जा रहा है। प्रशासन की निगरानी में मजदूर सावधानी से निर्माण के हिस्सों को हटाने में जुटे हैं। हादसे के बाद शुरू हुई इस कार्रवाई का उद्देश्य कमजोर और अवैध निर्माणों को हटाकर भविष्य में किसी और बड़े हादसे की आशंका को रोकना बताया जा रहा है। प्रशासन की ओर से उन इमारतों पर ध्यान दिया जा रहा है, जिनकी स्थिति को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंता है।

सत्य निकेतन में हॉस्टल की बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद इलाके में मौजूद अन्य इमारतों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठे हैं। इसी के बाद अब प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है। अधिकारियों की मौजूदगी में चिन्हित बिल्डिंग को धीरे-धीरे तोड़ा जा रहा है। मौके पर चल रही कार्रवाई में फिलहाल मजदूर हथौड़ों के जरिए बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से को हटाते नजर आ रहे हैं। बुलडोजर की जगह मैनुअल तरीके से तोड़फोड़ का काम किया जा रहा है। प्रशासन की निगरानी में यह कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। 6 तारीख को हुए हादसे के बाद शुरू हुई इस कार्रवाई को इलाके में कमजोर और अवैध निर्माणों के खिलाफ उठाए गए सख्त कदम के तौर पर देखा जा रहा है। प्रशासन का मकसद ऐसे निर्माणों को हटाना है, जिनसे लोगों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है और भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका को कम किया जा सके।

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