
भरुआ सुमेरपुर: क्षेत्र में लगातार हुई बारिश के बाद कच्चे मकानों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। करीब 48 घंटे तक हुई बारिश से कच्चे मकानों में सीलन बढ़ने के कारण उनके ढहने का सिलसिला जारी है। कई स्थानों पर मकान अचानक भरभराकर गिर गए। क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में अब तक आधा सैकड़ा से अधिक कच्चे मकानों के ढहने की जानकारी सामने आई है। बारिश के कारण कच्चे मकानों की दीवारों और अन्य हिस्सों में सीलन बढ़ गई। इसके बाद कई मकान अचानक धराशायी हो गए। ग्राम पंधरी, इंगोहटा, विदोखर पुरई, मवईजार, विदोखर मेंदनी और मौहर समेत कई गांवों में कच्चे मकान गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। बताया गया कि बीते 24 घंटे के दौरान ब्लॉक की आधा दर्जन से अधिक पंचायतों में मकान ढहने की घटनाएं हुई हैं। इनमें इंगोहटा, विदोखर पुरई, विदोखर मेंदनी, मवईजार, मौहर, पंधरी, टेढ़ा, बंडा और पलरा आदि गांव शामिल हैं। बारिश से कमजोर हुए कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला अभी भी बना हुआ है।
मकान गिरने से मवेशी दबे
मवईजार गांव में मकान ढहने की घटना के दौरान चार मवेशी मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर सभी मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं बीते 24 घंटे में हुई मकान ढहने की घटनाओं में चार मवेशियों की मौत और चार के घायल होने की जानकारी है। हालांकि राहत की बात यह रही कि मकान ढहने की इन घटनाओं में फिलहाल किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। लगातार बारिश के कारण कच्चे मकानों में बढ़ी सीलन को इन घटनाओं की मुख्य वजह बताया जा रहा है। रविवार को बारिश थमी रहने से लोगों ने कुछ राहत की सांस ली। हालांकि आसमान में बादलों की आवाजाही जासुमेरपुर में बारिशरी रही। क्षेत्र में कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला जारी रहने के कारण ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है।