
गाजियाबाद: गाजियाबाद के वैशाली सेक्टर-4 स्थित देविका अपार्टमेंट में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कौशांबी थाना क्षेत्र के इस अपार्टमेंट की 12वीं मंजिल से छज्जे का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। ऊंचाई से गिरे मलबे की चपेट में नीचे खड़ी कारें आ गईं, जिससे एक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद अपार्टमेंट परिसर में हड़कंप मच गया। अचानक हुई इस घटना से वहां मौजूद लोगों में भी चिंता का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, देविका अपार्टमेंट की 12वीं मंजिल पर बने छज्जे का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे आ गिरा। छज्जे का हिस्सा टूटने के बाद उसका मलबा सीधे नीचे खड़े वाहनों पर जा गिरा। मलबे के कारण एक कार को काफी नुकसान पहुंचा और वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के समय नीचे कई कारें खड़ी थीं, जिन पर मलबा गिरने से नुकसान हुआ। हादसा अचानक होने के कारण किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। ऊंचाई से छज्जे का हिस्सा गिरने की घटना के बाद अपार्टमेंट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि जिस समय छज्जे का मलबा नीचे गिरा, उस दौरान वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। इस वजह से कोई भी इसकी चपेट में नहीं आया और किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई।
ऊंची इमारतों के रखरखाव और सुरक्षा पर उठे सवाल
देविका अपार्टमेंट में हुई इस घटना ने ऊंची इमारतों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। 12वीं मंजिल से छज्जे का हिस्सा टूटकर नीचे गिरना एक गंभीर घटना है, क्योंकि ऊंचाई से गिरने वाला मलबा किसी भी व्यक्ति या वाहन को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। इस हादसे में एक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि किसी व्यक्ति के इसकी चपेट में नहीं आने से बड़ा नुकसान टल गया।
अपार्टमेंट जैसी ऊंची इमारतों में छज्जे और अन्य हिस्सों की सुरक्षा का महत्व इस घटना के बाद एक बार फिर सामने आया है। छज्जे का हिस्सा अचानक टूटने से यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर इसके गिरने की वजह क्या थी। हालांकि, अभी तक छज्जे का हिस्सा टूटने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल सका है। घटना के पीछे क्या वजह रही, इसे लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इस हादसे के बाद अपार्टमेंट परिसर में रहने वाले लोगों के बीच भी सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। छज्जे का मलबा यदि किसी व्यक्ति के ऊपर गिरता तो परिणाम गंभीर हो सकते थे। गनीमत रही कि हादसे के दौरान वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। फिलहाल, इस घटना ने ऊंची इमारतों के रखरखाव और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।