
हमीरपुर: सदर कोतवाली क्षेत्र में सर्राफा व्यापारी के परिवार ने एक युवक पर कथित रूप से ब्लैकमेलिंग और मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। परिवार की ओर से मामले में न्याय की गुहार लगाई गई है। सर्राफा व्यापारी की पत्नी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में हस्तक्षेप करते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। महिला का आरोप है कि प्रांशु गुप्ता नाम का युवक उनके परिवार को लंबे समय से परेशान कर रहा है। महिला के मुताबिक, कथित ब्लैकमेलिंग के चलते परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर परिवार को राहत दिलाने की मांग की है। महिला का कहना है कि कथित ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर उनके पति ने पहले पॉइजन खाकर आत्महत्या का प्रयास भी किया था। इसके बावजूद, महिला के अनुसार, उनके परिवार को मामले में अपेक्षित राहत नहीं मिली। उनका आरोप है कि पुलिस ने मामले में एकतरफा कार्रवाई की और उनकी शिकायत तथा पक्ष को गंभीरता से नहीं लिया।
निष्पक्ष जांच की मांग
सर्राफा व्यापारी की पत्नी ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस कथित तौर पर प्रांशु गुप्ता के साथ मिलकर काम कर रही है। महिला का कहना है कि यदि दोनों पक्षों की शिकायतों और उनके आरोपों की निष्पक्ष तरीके से जांच की जाए तो मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। महिला ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
परिवार की सुरक्षा को लेकर भी महिला ने चिंता जताई है। उन्होंने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि उनके पति और जेठ को लेकर परिवार लगातार परेशान है। महिला ने कहा कि यदि उनके पति या जेठ के साथ कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए वह हमीरपुर पुलिस और प्रांशु गुप्ता को जिम्मेदार मानेंगी। महिला ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले में दोनों पक्षों के आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। परिवार ने मामले में सुरक्षा उपलब्ध कराने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है। फिलहाल महिला की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।