
मनोरंजन: अभिनेता कार्तिक आर्यन इन दिनों अपनी एक बड़ी उपलब्धि को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल करने के बाद वह मुंबई के मशहूर लालबागचा राजा के दरबार में पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान गणेश के दर्शन किए और अपना राष्ट्रीय पुरस्कार बप्पा के चरणों में रखकर आशीर्वाद लिया। लालबागचा राजा के दरबार में कार्तिक आर्यन पूरे श्रद्धाभाव के साथ नजर आए। भारी सुरक्षा के बीच उन्होंने पूजा-अर्चना की और बप्पा के दर्शन किए। इसके बाद अभिनेता ने अपने हाथ में मौजूद नेशनल अवॉर्ड को गणपति बप्पा के चरणों में अर्पित किया। इस दौरान उनके चेहरे पर अपनी उपलब्धि की खुशी भी नजर आई।
परिवार की खुशी का किया जिक्र
दर्शन और पूजा के बाद कार्तिक आर्यन ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने के बाद उनके परिवार में खुशी का माहौल है। अभिनेता के मुताबिक, सम्मान मिलने के बाद बप्पा के दरबार में आकर उनका आशीर्वाद लेना उनके लिए खास अनुभव रहा। इस दौरान उन्होंने अपने परिवार की खुशी के बारे में भी बात की और ‘गणपति बप्पा मोरया’ का जयकारा लगाया।
‘चंदू चैंपियन’ के लिए मिला सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान
कार्तिक आर्यन को फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में अभिनय के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला है। यह पुरस्कार उन्होंने मलयालम अभिनेता ममूटी के साथ साझा किया। ममूटी को फिल्म ‘ब्रह्मयुगम’ में उनके अभिनय के लिए इसी श्रेणी में सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह गुजरात के केवडिया स्थित एकता नगर में आयोजित किया गया था। समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्तिक आर्यन को पुरस्कार प्रदान किया। फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में कार्तिक आर्यन ने भारत के पहले पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर की भूमिका निभाई थी। इस किरदार के लिए अभिनेता ने काफी तैयारी की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने करीब 14 महीने तक ट्रेनिंग की और भूमिका के लिए लगभग 15 किलो वजन कम किया। फिल्म की कहानी ऐसे व्यक्ति के संघर्ष को दिखाती है, जिसने मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद हिम्मत नहीं छोड़ी और अपनी मेहनत के दम पर इतिहास रचा। राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने के बाद कार्तिक आर्यन का लालबागचा राजा के दरबार में पहुंचना उनके लिए एक खास मौका रहा। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को बप्पा के चरणों में अर्पित कर आशीर्वाद लिया।