EC के खिलाफ प्रदर्शन में AAP-कांग्रेस आमने-सामने, दिल्ली की सड़कों पर दिखी अलग-अलग रणनीति

दिल्ली: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के तेवर भी अलग-अलग नजर आए। दोनों दल चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध जता रहे हैं, लेकिन प्रदर्शन के तरीके और नेतृत्व को लेकर दोनों के बीच दूरी दिखाई दी। बुधवार को आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर मार्च करने पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद मौके पर काफी देर तक प्रदर्शन का माहौल बना रहा। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आम आदमी पार्टी लेफ्ट पार्टियों के बुलावे पर इस प्रदर्शन में शामिल हुई है। उन्होंने कांग्रेस को भी प्रदर्शन में शामिल होने का न्योता दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले प्रदर्शन का आह्वान INDIA गठबंधन की ओर से नहीं किया गया था और आम आदमी पार्टी उस प्रदर्शन का हिस्सा नहीं थी। मौजूदा प्रदर्शन के दौरान AAP के नेता और कार्यकर्ता जब पुलिस की बैरिकेडिंग से पीछे हटे, उसी जगह कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने झंडे और तख्तियों के साथ पहुंच गए। इस तरह दोनों दलों का विरोध एक ही मुद्दे को लेकर होने के बावजूद अलग-अलग तरीके से सामने आया। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर AAP के साथ कांग्रेस और लेफ्ट दलों के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए।

राहुल गांधी ने जंतर-मंतर जाने का किया ऐलान

दूसरी ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने की बात कह चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने का मौका नहीं दिया गया। इसके बाद राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की बात कही। इससे पहले भी कांग्रेस समेत विपक्षी दलों की ओर से चुनाव आयोग के मुद्दे पर प्रदर्शन किया गया था। 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान AAP नेता सौरभ भारद्वाज समेत कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था।

चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में अनियमितताएं हुई हैं और इस प्रक्रिया से मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। दूसरी ओर चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को लेकर अपना अलग पक्ष रखता है।

चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक ज्ञानेश कुमार मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। उन्होंने 19 फरवरी 2025 को भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था। इस पूरे घटनाक्रम में एक तरफ AAP, कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे हैं, वहीं दिल्ली में इन दलों की अलग-अलग गतिविधियां उनकी रणनीति और आपसी तालमेल को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग और SIR को लेकर विरोध का यह सिलसिला किस तरह आगे बढ़ता है, इस पर राजनीतिक नजरें बनी रहेंगी।

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