सीमापुरी में भरभराकर गिरी चार मंजिला इमारत, मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका

दिल्ली: दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को चार मंजिला इमारत गिरने से हड़कंप मच गया। अचानक इमारत के ढहने के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हादसे के बाद मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। अब तक 4-5 लोगों को अस्पताल पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, घटनास्थल पर राहत और बचाव का काम लगातार जारी है। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। बचावकर्मी लगातार मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इमारत गिरने के बाद मलबे के अंदर कुल कितने लोग फंसे हो सकते हैं। DCP आर मिणा के मुताबिक, चार मंजिला इमारत करीब 25 गज के प्लॉट पर बनी थी। इमारत के गिरने के बाद पुलिस और रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। हालांकि, अभी तक हादसे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। यह भी साफ नहीं है कि इमारत किन परिस्थितियों में अचानक ढह गई।

मलबे में फंसे लोगों की तलाश, ट्रैफिक भी प्रभावित

हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियां भी मौके पर पहुंचीं। बचावकर्मी मलबे को हटाकर उसके अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। राहत टीम की कोशिश है कि अगर कोई व्यक्ति मलबे में दबा हुआ है तो उसे जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके। हादसे में अब तक 4-5 लोगों को अस्पताल पहुंचाए जाने की जानकारी है। हालांकि, अस्पताल पहुंचाए गए लोगों की हालत को लेकर फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, मलबे में अभी और लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए बचाव अभियान जारी है। इमारत गिरने का असर आसपास के ट्रैफिक पर भी पड़ा है। सीमापुरी गोल चक्कर, DLF भोपुरा और आसपास की सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है। स्थिति को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से इस इलाके में जाने से बचने की अपील की है।

ट्रैफिक पुलिस ने घटनास्थल के आसपास रुकने, वाहन खड़ा करने और भीड़ लगाने से भी लोगों को मना किया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि एंबुलेंस और राहत-बचाव में लगे वाहनों के लिए रास्ता खुला रहे और बचाव अभियान में किसी तरह की बाधा न आए। सीमापुरी में यह हादसा ऐसे समय हुआ है, जब हाल ही में दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में भी पांच मंजिला PG इमारत गिरने की घटना सामने आई थी। 6 सितंबर 2026 को हुए उस हादसे में 5 स्टूडेंट्स समेत 7 लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद MCD के पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया था।

सस्पेंड किए गए अधिकारियों में डिप्टी कमिश्नर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल थे। सत्य निकेतन हादसे के बाद बिना अनुमति बनी पांचवीं मंजिल वाली इमारतों को सील करने और आसपास मौजूद PG तथा अन्य इमारतों की जांच के निर्देश भी दिए गए थे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पुरानी इमारतों के स्ट्रक्चरल ऑडिट की बात भी कही थी। हालांकि, सीमापुरी में गिरी चार मंजिला इमारत की वजह फिलहाल सामने नहीं आई है। इस समय प्राथमिकता मलबे में फंसे संभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है और राहत-बचाव टीम मौके पर लगातार काम कर रही है।

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