
दिल्ली: संजय झील में तीन युवकों की डूबने से मौत के अगले दिन भी सुरक्षा व्यवस्था में कोई खास बदलाव नजर नहीं आया। मंगलवार को मौके पर जायजा लिया गया तो प्रवेश द्वार पर सिर्फ एक गार्ड तैनात मिला। झील के आसपास लोगों को पानी में जाने या खतरनाक जगहों पर घूमने से रोकने-टोकने वाला कोई नजर नहीं आया। डूबने की घटना के बावजूद झील में लाइफ सेविंग उपकरण, लाइफ गार्ड या बचाव दल की स्थायी व्यवस्था भी दिखाई नहीं दी।
एक गार्ड के भरोसे सुरक्षा
झील के प्रवेश द्वार पर केवल एक गार्ड तैनात मिला। झील के आसपास सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी नजर नहीं आए। पानी के पास जाने या जोखिम वाली जगहों पर घूमने वाले लोगों को रोकने-टोकने की भी कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दी।
झील परिसर में नशाखोरी
झील के आसपास बड़ी संख्या में लोग शराब और बीयर पीते तथा गांजा का नशा करते नजर आए। कुछ लोग नशे की हालत में झील की बाउंड्रीवॉल पर चलते भी दिखाई दिए। इन्हें रोकने या टोकने वाला कोई मौजूद नहीं था। प्रवेश द्वार पर तैनात गार्ड ने बताया कि नशा करने से रोकने पर लोग गाली-गलौज करने के साथ धमकी देने लगते हैं। उसके मुताबिक, कई लोग झील के बाहर बने शराब के ठेकों से शराब और बीयर खरीदकर परिसर में आ जाते हैं।
आसपास के इलाकों से आते हैं लोग
एक स्थानीय निवासी ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि त्रिलोकपुरी, कल्याणपुरी और आसपास के इलाकों से लोग नियमित रूप से यहां नशा करने आते हैं।
स्कूली बच्चों को भेजा घर
मंगलवार को कुछ स्कूली बच्चे भी स्कूल की छुट्टी के बाद झील में मस्ती करने पहुंचे। उन्हें समझाकर घर भेजा गया। तीन युवकों की डूबने से मौत के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था में सुधार न दिखने से झील में सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।