तीजा महोत्सव की दूसरी रात सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम, ‘एक फूल दो माली’ ने बांधा समां

उत्तर प्रदेश: तीजा महोत्सव की दूसरी रात कस्बे में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम रही। अलग-अलग स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मनोरंजन किया। देर रात तक चले कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। पशु बाजार मेला मैदान, रामलीला मैदान और छोटी बाजार में आयोजित कार्यक्रमों में दर्शकों की भीड़ उमड़ी। पशु बाजार मेला मैदान में झांसी से आए कलाकारों ने ‘एक फूल दो माली’ नाटक का जीवंत मंचन किया। कलाकारों की प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। नाटक में फिरोज का किरदार मास्टर इकरार और शमशा का किरदार अल्ला रक्खा ने निभाया। नाटक देखने के लिए पशु बाजार मेला मैदान दर्शकों से खचाखच भरा रहा। प्रस्तुति के दौरान कलाकारों ने अपने अभिनय से लोगों की खूब वाहवाही बटोरी।

फूलों की होली ने बांधा समां

रामलीला मैदान में वृंदावन से आए कलाकारों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और भक्त प्रह्लाद नाटक का मंचन किया। इसके साथ ही कलाकारों ने फूलों की होली की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेन्द्र शिवहरे और अधिशासी अधिकारी दिनेश चंद्र आर्य ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम के दौरान सभासद रामकिशोर सैनी, दीपक शर्मा, राजेश वर्मा और राधे शुक्ला सहित अन्य लोग मौजूद रहे। वहीं छोटी बाजार में सोनू जागरण पार्टी के कलाकारों ने राधा-कृष्ण, शंकर जी और काली मां समेत विभिन्न देवी-देवताओं की जीवंत झांकियां प्रस्तुत कीं। झांकियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और कलाकारों की प्रस्तुति पर जमकर तालियां बजीं। कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीकृष्ण लीला कमेटी के अध्यक्ष जयप्रकाश दीक्षित ‘बाबू भैया’ ने राधा-कृष्ण की झांकी की आरती उतारकर किया।

इस मौके पर राजेश बाबू शिवहरे, कुंज बिहारी पांडे, राघवेंद्र पांडे, नवल दाऊ, सुरेश यादव, संजीव पांडे, उदित नारायण तिवारी, श्यामबाबू पांडे, आदित्य अवस्थी और राजन दीक्षित सहित अन्य लोग मौजूद रहे। वहीं त्रिवेणी मैदान में कबीरी भजनों का अखंड गायन रातभर चलता रहा। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और राजस्थान से आए दो सैकड़ा से अधिक कबीरी भजन गायक शामिल हुए। गायकों ने बारी-बारी से अपनी प्रस्तुतियां दीं और देर रात तक भजनों का सिलसिला जारी रहा। रामलीला मैदान और छोटी बाजार में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समापन हो गया है, जबकि पशु बाजार मेला मैदान में कार्यक्रम तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रहे। मेले में पहुंची जलपरी और ग्रेविटी झूला भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

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