
दिल्ली: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने राजधानी में महिलाओं और नाबालिगों के साथ लगातार सामने आ रही दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कालकाजी मंदिर के पास 17 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म, 21 सितंबर को करोल बाग में 6 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म, 16 सितंबर को सदर बाजार में नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न और 10 सितंबर को स्वरूप नगर में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की चुप्पी सवाल खड़े करती है। देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है, ऐसे में राजधानी में बढ़ते अपराधों की जिम्मेदारी से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बच नहीं सकते। उन्होंने मुख्यमंत्री के महिला होने का हवाला देते हुए कहा कि उनके शासन में बेटियों की सुरक्षा को लेकर स्थिति चिंताजनक है और यह सरकार की विफलता को दर्शाता है।
महिला सुरक्षा के आंकड़ों पर भी उठाए सवाल
देवेंद्र यादव ने दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए भाजपा की केंद्र और दिल्ली सरकार पर महिला सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बेटियों को बचाने में विफलता के कारण भाजपा सरकार का ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा झूठा साबित हो चुका है। उन्होंने दिल्ली पुलिस के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2025 में 1,058 दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए, जबकि यौन उत्पीड़न, अत्याचार, छेड़छाड़, अपहरण और घरेलू हिंसा से जुड़े 13,396 मामले सामने आए। उन्होंने कहा कि महिला अपराधों से जुड़े आंकड़ों को गंभीरता से लेने की जरूरत है और राजधानी में महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है। देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि महिलाओं और नाबालिगों के साथ दुष्कर्म तथा यौन उत्पीड़न की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन की ओर से सभी आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने दिल्ली की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए और भाजपा की ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ पर निष्क्रियता का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में हर दिन महिलाओं और नाबालिगों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही हैं और राजधानी की पहचान महिलाओं के लिए असुरक्षित जगह के तौर पर बनती जा रही है। देवेंद्र यादव ने यह भी कहा कि गंभीर अपराधों में बड़ी संख्या ऐसे आरोपियों की है, जिनके बारे में रिकॉर्ड में पहली बार संगीन अपराध करने की बात सामने आती है। उन्होंने इसके पीछे बढ़ती पैसों की चाह और बेरोजगारी को कारण बताया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि खुले मैदान, चलती बस और चलती कार में दुष्कर्म जैसी घटनाएं सामने आना पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर प्रश्न खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि राजधानी में महिलाओं के खिलाफ दुष्कर्म, यौन उत्पीड़न, हिंसा और अपहरण जैसी घटनाओं को लेकर सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। देवेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा की केंद्र और दिल्ली सरकार ‘विकसित भारत, विकसित दिल्ली’ का नारा देती है, लेकिन महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना देश और दिल्ली के विकास की बात अधूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महिला सुरक्षा के मामले में विफल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और नेता विपक्ष राहुल गांधी महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि भाजपा महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम साबित हो रही है। देवेंद्र यादव ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही की मांग की।