
ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए 105 मीटर चौड़ी सड़क को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 144वीं बोर्ड बैठक में इस महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दे दी गई है। परियोजना के दूसरे चरण में ग्राम जुनपत से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक करीब 12 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा। सड़क बनने के बाद ग्रेटर नोएडा फेस-1, फेस-2 और डीएनजीआईआर क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
12 किलोमीटर सड़क का होगा निर्माण
इस परियोजना का फेस-1 पहले ही पूरा हो चुका है। फेस-1 में 105 मीटर चौड़ी सड़क का करीब छह किलोमीटर हिस्सा बनाया जा चुका है। अब फेस-2 के तहत ग्राम जुनपत से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक करीब 12 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण किया जाएगा। प्रस्तावित सड़क 10 लेन और चार सर्विस लेन की होगी। सड़क के निर्धारित अलाइनमेंट में रेलवे लाइन, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की लिंक लाइन और जीटी रोड आने के कारण तीन ओवरब्रिज भी बनाए जाएंगे। इन ओवरब्रिज के निर्माण से सड़क को अलग-अलग परिवहन मार्गों के ऊपर से निकालने में मदद मिलेगी।
NHAI उठाएगा निर्माण का खर्च
इस परियोजना के निर्माण का खर्च भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से वहन किया जाएगा। वहीं, सड़क निर्माण के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की होगी। डीएनजीआईआर क्षेत्र में आने वाली जमीन के अधिग्रहण की जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण को दी जाएगी। भूमि अधिग्रहण पर होने वाले खर्च को नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण 50-50 के अनुपात में वहन करेंगे।
बोर्ड बैठक से मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी। सड़क के निर्माण से ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग क्षेत्रों के बीच आवागमन बेहतर होने के साथ ही ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक पहुंच भी आसान होने की उम्मीद है। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा मिल सकता है।