
ग्रेटर नोएडा: नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र स्थित IIMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक छात्र के साथ कथित तौर पर मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद कॉलेज परिसर में छात्र की सुरक्षा और घटना की जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि छात्र के साथ मारपीट करने वाला व्यक्ति कॉलेज का सिक्योरिटी गार्ड है, जिसे रावल नाम से बताया जा रहा है। वायरल हो रहे वीडियो में एक छात्र के साथ कथित तौर पर मारपीट होती दिखाई दे रही है। वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि छात्र को पहले थप्पड़ मारे गए और इसके बाद उसे एक कमरे के अंदर ले जाया गया, जहां उसके साथ दोबारा मारपीट की गई। हालांकि, वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। घटना को लेकर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि जब किसी व्यक्ति ने पूरे मामले की रिकॉर्डिंग करने की कोशिश की, तो उसे कथित तौर पर डराया-धमकाया गया। दावा है कि इसके बाद वीडियो बनाना बंद करवा दिया गया। इन आरोपों को लेकर भी फिलहाल कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
वायरल वीडियो के बाद उठे छात्र की सुरक्षा पर सवाल
मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि किसी छात्र से किसी तरह की गलती हुई थी या उसके खिलाफ कोई शिकायत थी, तो उसके लिए कॉलेज के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती थी। किसी छात्र के साथ मारपीट किए जाने का आरोप गंभीर है और ऐसे मामले में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच जरूरी मानी जा रही है। वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटना को लेकर यह स्पष्ट होना बाकी है कि छात्र के साथ मारपीट की वास्तविक वजह क्या थी और घटनास्थल पर उस समय कौन-कौन लोग मौजूद थे। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि वीडियो में दिखाई दे रही घटना किस समय और किन परिस्थितियों में हुई।
मामले को लेकर अब कॉलेज प्रशासन के रुख पर भी नजर है। लोगों की ओर से यह सवाल उठाया जा रहा है कि कॉलेज परिसर में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है और यदि किसी छात्र के साथ मारपीट की गई है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नॉलेज पार्क थाना पुलिस की ओर से वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर मामले की जांच की जाती है या नहीं, यह भी देखने वाली बात होगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटना की वास्तविक स्थिति क्या है और लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे मामले की आधिकारिक जांच जरूरी है। कॉलेज प्रशासन और पुलिस की ओर से सामने आने वाली जानकारी के बाद ही घटना की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।