
ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सैनी गांव के किसानों को बड़ी राहत देते हुए छह प्रतिशत आबादी के तहत 39 किसानों को कुल 58 आवासीय भूखंड आवंटित किए हैं। लंबे समय से लंबित आबादी भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया बुधवार को प्राधिकरण के बोर्ड रूम में पूरी की गई। इस दौरान किसानों की मौजूदगी में समान आकार वाले भूखंडों का ड्रा कराया गया। आवंटन प्रक्रिया के तहत 18 भूखंड ऐसे थे, जिनका आकार समान था। इन भूखंडों पर 17 किसानों का हक था। इसलिए इनका आवंटन ड्रा के माध्यम से किया गया। किसानों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई, जिससे संबंधित किसानों को उनके भूखंडों का आवंटन किया जा सके। वहीं, बाकी 40 भूखंडों का आकार अलग-अलग होने के कारण इनके लिए ड्रा कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी। इन भूखंडों को संबंधित पात्र किसानों के नाम सीधे आवंटित कर दिया गया। इस तरह कुल 58 आबादी भूखंडों का आवंटन 39 किसानों के बीच पूरा किया गया।
लंबे समय से लंबित था आबादी भूखंडों का मामला
जमीन अधिग्रहण के बाद सैनी गांव के किसानों के छह प्रतिशत आबादी भूखंड लंबे समय से लंबित चल रहे थे। भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने से संबंधित किसानों को राहत मिली है। प्राधिकरण की ओर से पात्रता और भूखंडों से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुधवार को आवंटन की कार्रवाई की गई। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर नियोजन विभाग और छह प्रतिशत आबादी भूखंड विभाग ने इस प्रक्रिया को पूरा किया। प्राधिकरण की ओर से किसानों की मौजूदगी में समान आकार वाले भूखंडों का ड्रा कराया गया, जबकि अलग-अलग आकार वाले भूखंडों का सीधे आवंटन किया गया।
प्राधिकरण की ओएसडी गुंजा सिंह ने कहा कि पात्र किसानों को छह प्रतिशत आबादी भूखंड उपलब्ध कराना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सैनी गांव के पात्र किसानों को भूखंड आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उन्होंने यह भी बताया कि सैनी गांव की तर्ज पर ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के अन्य गांवों के पात्र किसानों को भी जल्द आबादी भूखंड आवंटित किए जाएंगे। इससे लंबे समय से आबादी भूखंड का इंतजार कर रहे अन्य पात्र किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। सैनी गांव में 39 किसानों को 58 भूखंडों का आवंटन पूरा होने के बाद अब अन्य गांवों के लंबित मामलों पर भी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है। प्राधिकरण का कहना है कि पात्र किसानों को नियमानुसार छह प्रतिशत आबादी भूखंड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी रहेगी।