
भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर): बेतवा नदी में खनन शुरू होने के साथ ही क्षेत्र में बालू के कथित अवैध कारोबार का मामला सामने आया है। आरोप है कि ललपुरा थाना क्षेत्र से ट्रैक्टरों के जरिए बालू लाकर भरुआ सुमेरपुर कस्बे और आसपास के गांवों में बेची जा रही है। इस कारोबार के लिए ललपुरा-सुमेरपुर मार्ग और छानी-इंगोहटा मार्ग का इस्तेमाल किए जाने की बात कही जा रही है। बालू की ढुलाई बिना रॉयल्टी किए जाने के आरोपों के बीच पुलिस और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर लगाए गए आरोपों के मुताबिक, बरसात का मौसम समाप्त होने के बाद बालू की ढुलाई करने वाले सक्रिय हो गए हैं। दावा किया जा रहा है कि ललपुरा क्षेत्र से प्रतिदिन करीब एक दर्जन ट्रैक्टर बालू लेकर कस्बे और आसपास के गांवों तक पहुंच रहे हैं। इन ट्रैक्टरों के जरिए बिना रॉयल्टी बालू की खरीद-फरोख्त किए जाने का आरोप है।
सुबह कस्बे में पहुंचते हैं बालू से लदे ट्रैक्टर
बताया जा रहा है कि बालू लेकर आने वाले ट्रैक्टर सुबह बांकी मार्ग के पास पानी की टंकी के आसपास खड़े होते हैं। यहां खरीद-फरोख्त के बाद बालू को अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाया जाता है। आरोप है कि ललपुरा थाने के पास से होकर भी बालू से लदे ट्रैक्टर कस्बे में प्रवेश करते हैं। इसी तरह छानी-इंगोहटा मार्ग से भी बालू के कारोबार का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों की ओर से इस कारोबार पर रोक लगाने की जरूरत जताई जा रही है। आरोप है कि क्षेत्र में पुलिस थानों और चौकी के आसपास से बालू लदे ट्रैक्टरों की आवाजाही के बावजूद कथित अवैध कारोबार जारी है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इस संबंध में ललपुरा थानाध्यक्ष पवन कुमार पटेल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई खनिज विभाग करता है और पुलिस विभाग सहयोग के लिए मौजूद रहता है।
वहीं, खनिज निरीक्षक उमाकांत ने भी मामले की जानकारी होने से इनकार किया। उन्होंने बताया कि मंगलवार को छापा मारकर जांच की जाएगी। यदि जांच में बिना रॉयल्टी के खनन कर बालू लाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि क्षेत्र में बालू की ढुलाई नियमों के अनुसार हो रही है या नहीं।