
छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के महासमुंद में खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन से जुड़ा मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, फर्जी NOC और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल कर करीब 23.35 टन खैर लकड़ी को कथित तौर पर अवैध तरीके से परिवहन किया गया। मामले की जांच के दौरान सामने आए दस्तावेजों की वैधता और लकड़ी के वास्तविक स्रोत को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में आरोपी मनीष अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के घर पर कार्रवाई करते हुए करीब 81 लाख रुपये की नकदी बरामद किए जाने का दावा किया है। इतनी बड़ी रकम बरामद होने के बाद पुलिस अब इसके स्रोत और मामले से इसके संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है।
संपत्ति के खिलाफ भी कुर्की की कार्रवाई
पुलिस की कार्रवाई केवल नकदी की बरामदगी तक सीमित नहीं रही। आरोपी से जुड़ी संपत्ति के खिलाफ भी कुर्की की कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के बाद खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन और उससे जुड़े नेटवर्क को लेकर जांच और तेज हो गई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी NOC और दूसरे दस्तावेज किस तरह तैयार कराए गए और इनके जरिए लकड़ी के परिवहन को कैसे अंजाम दिया गया। इसके साथ ही लकड़ी कहां से लाई गई थी और इस पूरे मामले में किन लोगों की भूमिका रही, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियां बरामद ₹81 लाख की नकदी के स्रोत की जानकारी जुटाने के साथ-साथ मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में और भी अहम खुलासे सामने आ सकते हैं।