कुछ मिनट बचाने के लिए जान से खिलवाड़, शाहदरा स्टेशन पर ट्रैक पार कर रहे लोग

नई दिल्ली: शाहदरा रेलवे स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज की सुविधा होने के बावजूद कई यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार कर रहे हैं। प्लेटफार्म बदलने के लिए यात्री फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल करने के बजाय सीधे ट्रैक पर उतरकर दूसरे प्लेटफार्म तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में कभी भी कोई यात्री तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ सकता है और बड़ा हादसा हो सकता है। देशभर में रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान लोगों के ट्रेन की चपेट में आने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इसके बावजूद शाहदरा स्टेशन पर कुछ यात्री इस खतरे को नजरअंदाज करते दिखाई दे रहे हैं। स्टेशन पर रेलवे पुलिसकर्मी भी मौजूद रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद ट्रैक पार करने वाले यात्रियों को रोकने-टोकने की प्रभावी व्यवस्था नजर नहीं आई।

ट्रैक पार करके दूसरे प्लेटफार्म पर पहुंचे एक युवक से जब इसकी वजह पूछी गई तो उसने बताया कि फुटओवर ब्रिज पर चढ़कर दूसरे प्लेटफार्म तक पहुंचने में ज्यादा मेहनत लगती है। उसके मुताबिक, इसके मुकाबले ट्रैक पार करके दूसरे प्लेटफार्म पर पहुंचना आसान है। यानी कुछ मिनट और थोड़ी मेहनत बचाने के लिए यात्री अपनी जान को खतरे में डाल रहे हैं।

दो साल में 1,248 मौतें

दिल्ली में रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान होने वाली मौतों के आंकड़े इस लापरवाही की गंभीरता को साफ तौर पर बताते हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, वर्ष 2023 में रेलवे ट्रैक पर 634 शव मिले थे। इनमें 628 मौतें ट्रैक पार करते समय हुई थीं। वहीं, वर्ष 2024 में रेलवे ट्रैक पर 625 शव मिले और इनमें 620 मौतें ट्रैक पार करने से जुड़ी थीं। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2023 और 2024 में कुल 1,248 लोगों की जान ट्रैक पार करने के दौरान गई। इसके बावजूद शाहदरा रेलवे स्टेशन पर यात्री ट्रैक पार करने से बाज नहीं आ रहे हैं। फुटओवर ब्रिज की सुविधा मौजूद होने के बाद भी इस तरह ट्रैक पर उतरना गंभीर लापरवाही है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब यात्रियों के लिए फुटओवर ब्रिज मौजूद है तो उन्हें रेलवे ट्रैक पर उतरने से रोकने के लिए सख्ती क्यों नहीं की जा रही। यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे और सुरक्षा बलों को स्टेशन पर लगातार निगरानी और कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसी गंभीर हादसे से पहले इस तरह की लापरवाही पर रोक लगाई जा सके।

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