
उत्तर प्रदेश: जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान स्थिति और अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली गई। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिले में चल रहे सभी विकास कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराए जाएं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता नहीं करने को कहा गया। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
समयबद्ध पूरा हों विकास कार्य
बैठक में संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने विभागों से जुड़े विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने के लिए कहा गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि योजनाओं की प्रगति की लगातार समीक्षा की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर आने वाली समस्या का समय रहते समाधान किया जा सके। अध्यक्षता कर रहे अधिकारियों ने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ निर्धारित पात्र लोगों तक समय से पहुंचना चाहिए। इसके लिए विभागीय स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा जरूरी है। जिन कार्यों में किसी कारण से देरी हो रही है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने पर जोर दिया गया। बैठक में स्वीकृत योजनाओं और परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो और कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाए, ताकि आम लोगों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
इसके साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच और पारदर्शी तरीके से निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। संबंधित विभागों को अपने-अपने कार्यों की स्थिति पर नजर रखने और आवश्यक कार्रवाई समय से करने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान विभिन्न विकास योजनाओं और विभागीय कार्यों से संबंधित प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। संबंधित अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत की। अधिकारियों को विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में इस बात पर जोर रहा कि जिले में संचालित विकास योजनाओं का कार्य निर्धारित मानकों और समयसीमा के अनुसार पूरा कराया जाए। साथ ही योजनाओं की निगरानी और प्रगति की समीक्षा लगातार जारी रखी जाए, जिससे विकास कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।