
उत्तर प्रदेश : ग्राम पंचायत बिरखेरा में गलियों की खराब स्थिति के चलते गांव के छात्र-छात्राओं को निशुल्क कोचिंग तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोचिंग सेंटर तक जाने वाला रास्ता कीचड़ और पानी के ठहराव के कारण दलदल में तब्दील हो गया है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को रास्ते से गुजरने में काफी दिक्कत हो रही है। बिरखेरा गांव में स्वतंत्र कोचिंग सेंटर पिछले दो वर्षों से संचालित हो रहा है। यहां गांव के छात्र-छात्राओं को निशुल्क कोचिंग दी जाती है। ग्रामीणों के मुताबिक, कोचिंग सेंटर शुरू होने के बाद से ही वहां तक पहुंचने वाले रास्ते की स्थिति खराब है। रास्ता ठीक नहीं होने के कारण कोचिंग में पढ़ने वाले बच्चों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ती है।
दो साल से रास्ता बनवाने की मांग
गांव निवासी रोहित प्रजापति ने बताया कि रास्ते को बनवाने के लिए पिछले दो वर्षों से मांग की जा रही है। इसके बावजूद अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। रास्ते पर पानी जमा होने और कीचड़ होने से छात्र-छात्राओं के लिए कोचिंग सेंटर तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि निशुल्क कोचिंग के जरिए बच्चों को पढ़ाई का अवसर मिल रहा है, लेकिन रास्ते की बदहाल स्थिति उनके सामने परेशानी खड़ी कर रही है। खराब रास्ते के कारण बच्चों को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं, पंचायत के प्रशासक अशोक कुमार यादव ने बताया कि आगे की तरफ रास्ते में ऊंचाई होने के कारण पानी का ठहराव हो जाता है। पानी जमा होने की वजह से वहां कीचड़ की स्थिति बन जाती है। उन्होंने बताया कि रास्ते पर सीसी निर्माण का प्रस्ताव पारित हो चुका है। पंचायत प्रशासक के अनुसार बजट आने के बाद रास्ते का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं को उम्मीद है कि रास्ते का निर्माण होने के बाद कोचिंग सेंटर तक पहुंचने में हो रही परेशानी दूर हो सकेगी।